संधिआ वेले का हुक्मनामा – 10 नवंबर 2023

धनासरी महला ४ ॥ मेरे साहा मै हरि दरसन सुखु होइ ॥ हमरी बेदनि तू जानता साहा अवरु किआ जानै कोइ ॥ रहाउ ॥ साचा साहिबु सचु तू मेरे साहा तेरा कीआ सचु सभु होइ ॥ झूठा किस कउ आखीऐ साहा दूजा नाही कोइ ॥१॥ सभना विचि तू वरतदा साहा सभि तुझहि धिआवहि दिनु राति […]

No Comments

संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 07 जनवरी 2026

अंग : 652 सलोकु मः ४ ॥ अंतरि अगिआनु भई मति मधिम सतिगुर की परतीति नाही ॥ अंदरि कपटु सभु कपटो करि जाणै कपटे खपहि खपाही ॥ सतिगुर का भाणा चिति न आवै आपणै सुआइ फिराही ॥ किरपा करे जे आपणी ता नानक सबदि समाही ॥१॥ मः ४ ॥ मनमुख माइआ मोहि विआपे दूजै भाइ […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 29 नवंबर 2024

धनासरी छंत महला ४ घरु १ सतिੴ गुर प्रसादि ॥ हरि जीउ क्रिपा करे ता नामु धिआईऐ जीउ ॥ सतिगुरु मिलै सुभाइ सहजि गुण गाईऐ जीउ ॥ गुण गाइ विगसै सदा अनदिनु जा आपि साचे भावए ॥ अहंकारु हउमै तजै माइआ सहजि नामि समावए ॥ आपि करता करे सोई आपि देइ त पाईऐ ॥ हरि […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 31 दिसंबर 2025

अंग : 508 गूजरी की वार महला ३ सिकंदर बिराहिम की वार की धुनी गाउणी ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सलोकु मः ३ ॥ इहु जगतु ममता मुआ जीवण की बिधि नाहि ॥ गुर कै भाणै जो चलै तां जीवण पदवी पाहि ॥ ओइ सदा सदा जन जीवते जो हरि चरणी चितु लाहि ॥ नानक नदरी […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 02 जून 2026

अंग : 479 आसा ॥ बारह बरस बालपन बीते बीस बरस कछु तपु न कीओ ॥ तीस बरस कछु देव न पूजा फिरि पछुताना बिरधि भइओ ॥१॥ मेरी मेरी करते जनमु गइओ ॥ साइरु सोखि भुजं बलइओ ॥१॥ रहाउ ॥ सूके सरवरि पालि बंधावै लूणै खेति हथ वारि करै ॥ आइओ चोरु तुरंतह ले गइओ […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 दसंबर 2022

वडहंसु महला ३ ॥ गुरमुखि सभु वापारु भला जे सहजे कीजै राम ॥ अनदिनु नामु वखाणीऐ लाहा हरि रसु पीजै राम ॥ लाहा हरि रसु लीजै हरि रावीजै अनदिनु नामु वखाणै ॥ गुण संग्रहि अवगण विकणहि आपै आपु पछाणै ॥ गुरमति पाई वडी वडिआई सचै सबदि रसु पीजै ॥ नानक हरि की भगति निराली गुरमुखि […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 23 नवंबर 2023

धनासरी महला १ घरु २ असटपदीआ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ गुरु सागरु रतनी भरपूरे ॥ अम्रितु संत चुगहि नही दूरे ॥ हरि रसु चोग चुगहि प्रभ भावै ॥ सरवर महि हंसु प्रानपति पावै ॥१॥ किआ बगु बपुड़ा छपड़ी नाइ ॥ कीचड़ि डूबै मैलु न जाइ ॥१॥ रहाउ ॥ रखि रखि चरन धरे वीचारी ॥ दुबिधा […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 4 अक्टूबर 2023

धनासरी महला ४ ॥ मेरे साहा मै हरि दरसन सुखु होइ ॥ हमरी बेदनि तू जानता साहा अवरु किआ जानै कोइ ॥ रहाउ ॥ साचा साहिबु सचु तू मेरे साहा तेरा कीआ सचु सभु होइ ॥ झूठा किस कउ आखीऐ साहा दूजा नाही कोइ ॥१॥ सभना विचि तू वरतदा साहा सभि तुझहि धिआवहि दिनु राति […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 13 जून 2024

सलोक ॥ राज कपटं रूप कपटं धन कपटं कुल गरबतह ॥ संचंति बिखिआ छलं छिद्रं नानक बिनु हरि संगि न चालते ॥१॥ पेखंदड़ो की भुलु तुमा दिसमु सोहणा ॥ अढु न लहंदड़ो मुलु नानक साथि न जुलई माइआ ॥२॥ पउड़ी ॥ चलदिआ नालि न चलै सो किउ संजीऐ ॥ तिस का कहु किआ जतनु जिस […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 8 जनवरी 2025

सोरठि महला ५ ॥ सतिगुर पूरे भाणा ॥ ता जपिआ नामु रमाणा ॥ गोबिंद किरपा धारी ॥ प्रभि राखी पैज हमारी ॥१॥ हरि के चरन सदा सुखदाई ॥ जो इछहि सोई फलु पावहि बिरथी आस न जाई ॥१॥ रहाउ ॥ क्रिपा करे जिसु प्रानपति दाता सोई संतु गुण गावै ॥ प्रेम भगति ता का मनु […]

No Comments

Begin typing your search term above and press enter to search. Press ESC to cancel.

Back To Top