अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 28 अक्तूबर 2025

अंग : 686 धनासरी महला १ ॥ सहजि मिलै मिलिआ परवाणु ॥ ना तिसु मरणु न आवणु जाणु ॥ ठाकुर महि दासु दास महि सोइ ॥ जह देखा तह अवरु न कोइ ॥१॥ गुरमुखि भगति सहज घरु पाईऐ ॥ बिनु गुर भेटे मरि आईऐ जाईऐ ॥१॥ रहाउ ॥ सो गुरु करउ जि साचु द्रिड़ावै ॥ […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 19 जून 2024

धनासरी महला ५ ॥ नामु गुरि दीओ है अपुनै जा कै मसतकि करमा ॥ नामु द्रिड़ावै नामु जपावै ता का जुग महि धरमा ॥१॥ जन कउ नामु वडाई सोभ ॥ नामो गति नामो पति जन की मानै जो जो होग ॥१॥ रहाउ ॥ नाम धनु जिसु जन कै पालै सोई पूरा साहा ॥ नामु बिउहारा […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 17 सितंबर 2026

अंग : 682 धनासरी महला ५ ॥ जिस कउ बिसरै प्रानपति दाता सोई गनहु अभागा ॥ चरन कमल जा का मनु रागिओ अमिअ सरोवर पागा ॥१॥ तेरा जनु राम नाम रंगि जागा ॥ आलसु छीजि गइआ सभु तन ते प्रीतम सिउ मनु लागा ॥ रहाउ ॥ जह जह पेखउ तह नाराइण सगल घटा महि तागा […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 नवंबर 2024

सोरठि महला ४ घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ आपे आपि वरतदा पिआरा आपे आपि अपाहु ॥ वणजारा जगु आपि है पिआरा आपे साचा साहु ॥ आपे वणजु वापारीआ पिआरा आपे सचु वेसाहु ॥१॥ जपि मन हरि हरि नामु सलाह ॥ गुर किरपा ते पाईऐ पिआरा अंम्रितु अगम अथाह ॥ रहाउ ॥ आपे सुणि सभ […]

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संधिया ​​वेले का हुक्मनामा – 23 मई 2025

अंग : 678 धनासरी महला ५ ॥ जिनि तुम भेजे तिनहि बुलाए सुख सहज सेती घरि आउ ॥ अनद मंगल गुन गाउ सहज धुनि निहचल राजु कमाउ ॥१॥ तुम घरि आवहु मेरे मीत ॥ तुमरे दोखी हरि आपि निवारे अपदा भई बितीत ॥ रहाउ ॥ प्रगट कीने प्रभ करनेहारे नासन भाजन थाके ॥ घरि मंगल […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 8 नवंबर 2024

सलोक ॥ मन इछा दान करणं सरबत्र आसा पूरनह ॥ खंडणं कलि कलेसह प्रभ सिमरि नानक नह दूरणह ॥१॥ हभि रंग माणहि जिसु संगि तै सिउ लाईऐ नेहु ॥ सो सहु बिंद न विसरउ नानक जिनि सुंदरु रचिआ देहु ॥२॥ पउड़ी ॥ जीउ प्रान तनु धनु दीआ दीने रस भोग ॥ ग्रिह मंदर रथ असु […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 17 जनवरी 2026

अंग : 631 सोरठि महला ९ ॥ मन की मन ही माहि रही ॥ ना हरि भजे न तीरथ सेवे चोटी कालि गही ॥१॥ रहाउ ॥ दारा मीत पूत रथ स्मपति धन पूरन सभ मही ॥ अवर सगल मिथिआ ए जानउ भजनु रामु को सही ॥१॥ फिरत फिरत बहुते जुग हारिओ मानस देह लही ॥ […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 14 दिसंबर 2025

अंग : 624 रागु सोरठि महला ५ ॥ दह दिस छत्र मेघ घटा घट दामनि चमकि डराइओ ॥ सेज इकेली नीद नहु नैनह पिरु परदेसि सिधाइओ ॥१॥ हुणि नही संदेसरो माइओ ॥ एक कोसरो सिधि करत लालु तब चतुर पातरो आइओ ॥ रहाउ ॥ किउ बिसरै इहु लालु पिआरो सरब गुणा सुखदाइओ ॥ मंदरि चरि […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 13 सितंबर 2025

अंग : 723 तिलंग महला ५ घरु १ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ खाक नूर करदं आलम दुनीआइ ॥ असमान जिमी दरखत आब पैदाइसि खुदाइ ॥१॥ बंदे चसम दीदं फनाइ ॥ दुनींआ मुरदार खुरदनी गाफल हवाइ ॥ रहाउ॥ गैबान हैवान हराम कुसतनी मुरदार बखोराइ ॥ दिल कबज कबजा कादरो दोजक सजाइ ॥२॥ वली निआमति बिरादरा दरबार […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 25 अप्रैल 2026

अंग : 673 धनासरी महला ५ ॥ जिह करणी होवहि सरमिंदा इहा कमानी रीति ॥ संत की निंदा साकत की पूजा ऐसी द्रिड़्ही बिपरीति ॥१॥ माइआ मोह भूलो अवरै हीत ॥ हरिचंदउरी बन हर पात रे इहै तुहारो बीत ॥१॥ रहाउ ॥ चंदन लेप होत देह कउ सुखु गरधभ भसम संगीति ॥ अम्रित संगि नाहि […]

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