संधिआ वेले का हुक्मनामा – 03 फ़रवरी 2026
अंग : 673 ਧਨਾਸਰੀ ਮਹਲਾ ੫ ॥ ਜਿਨਿ ਕੀਨੇ ਵਸਿ ਅਪੁਨੈ ਤ੍ਰੈ ਗੁਣ ਭਵਣ ਚਤੁਰ ਸੰਸਾਰਾ ॥ ਜਗ ਇਸਨਾਨ ਤਾਪ ਥਾਨ ਖੰਡੇ ਕਿਆ ਇਹੁ ਜੰਤੁ ਵਿਚਾਰਾ ॥੧॥ ਪ੍ਰਭ ਕੀ ਓਟ ਗਹੀ ਤਉ ਛੂਟੋ ॥ ਸਾਧ ਪ੍ਰਸਾਦਿ ਹਰਿ ਹਰਿ ਹਰਿ ਗਾਏ ਬਿਖੈ ਬਿਆਧਿ ਤਬ ਹੂਟੋ ॥੧॥ ਰਹਾਉ ॥ ਨਹ ਸੁਣੀਐ ਨਹ ਮੁਖ ਤੇ ਬਕੀਐ ਨਹ ਮੋਹੈ […]
No Commentsअमृत वेले का हुक्मनामा – 19 मई 2025
अंग : 682 धनासरी महला ५ ॥ जिस कउ बिसरै प्रानपति दाता सोई गनहु अभागा ॥ चरन कमल जा का मनु रागिओ अमिअ सरोवर पागा ॥१॥ तेरा जनु राम नाम रंगि जागा ॥ आलसु छीजि गइआ सभु तन ते प्रीतम सिउ मनु लागा ॥ रहाउ ॥ जह जह पेखउ तह नाराइण सगल घटा महि तागा […]
No Commentsअमृत वेले का हुक्मनामा – 15 नवंबर 2022
सोरठि महला ५ घरु २ दुपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सगल बनसपति महि बैसंतरु सगल दूध महि घीआ ॥ ऊच नीच महि जोति समाणी घटि घटि माधउ जीआ ॥१॥ संतहु घटि घटि रहिआ समाहिओ ॥ पूरन पूरि रहिओ सरब महि जलि थलि रमईआ आहिओ ॥१॥ रहाउ ॥ गुण निधान नानकु जसु गावै सतिगुरि भरमु चुकाइओ […]
No Commentsअमृत वेले का हुक्मनामा – 29 नवंबर 2022
धनासरी महला ३ ॥ सदा धनु अंतरि नामु समाले ॥ जीअ जंत जिनहि प्रतिपाले ॥ मुकति पदारथु तिन कउ पाए ॥ हरि कै नामि रते लिव लाए ॥१॥ गुर सेवा ते हरि नामु धनु पावै ॥ अंतरि परगासु हरि नामु धिआवै ॥ रहाउ ॥ इहु हरि रंगु गूड़ा धन पिर होइ ॥ सांति सीगारु रावे […]
No Commentsअमृत वेले का हुक्मनामा – 1 जुलाई 2023
सोरठि महला ५ घरु २ दुपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ सगल बनसपति महि बैसंतरु सगल दूध महि घीआ ॥ ऊच नीच महि जोति समाणी घटि घटि माधउ जीआ ॥१॥ संतहु घटि घटि रहिआ समाहिओ ॥ पूरन पूरि रहिओ सरब महि जलि थलि रमईआ आहिओ ॥१॥ रहाउ ॥ गुण निधान नानकु जसु गावै सतिगुरि भरमु चुकाइओ […]
No Commentsअमृत वेले का हुक्मनामा – 6 मई 2024
धनासरी महला ५ ॥ त्रिपति भई सचु भोजनु खाइआ ॥ मनि तनि रसना नामु धिआइआ ॥१॥ जीवना हरि जीवना ॥ जीवनु हरि जपि साधसंगि ॥१॥ रहाउ ॥ अनिक प्रकारी बसत्र ओढाए ॥ अनदिनु कीरतनु हरि गुन गाए ॥२॥ हसती रथ असु असवारी ॥ हरि का मारगु रिदै निहारी ॥३॥ मन तन अंतरि चरन धिआइआ ॥ […]
No Commentsअमृत वेले का हुक्मनामा – 16 नवंबर 2022
सूही महला ४ घरु ६ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ नीच जाति हरि जपतिआ उतम पदवी पाइ ॥ पूछहु बिदर दासी सुतै किसनु उतरिआ घरि जिसु जाइ ॥१॥ हरि की अकथ कथा सुनहु जन भाई जितु सहसा दूख भूख सभ लहि जाइ ॥१॥ रहाउ ॥ रविदासु चमारु उसतति करे हरि कीरति निमख इक गाइ ॥ पतित […]
No Commentsसंधिआ वेले का हुक्मनामा – 25 अप्रैल 2024
धनासरी महला ५ ॥ मेरा लागो राम सिउ हेतु ॥ सतिगुरु मेरा सदा सहाई जिनि दुख का काटिआ केतु ॥१॥ रहाउ ॥ हाथ देइ राखिओ अपुना करि बिरथा सगल मिटाई ॥ निंदक के मुख काले कीने जन का आपि सहाई ॥१॥ साचा साहिबु होआ रखवाला राखि लीए कंठि लाइ ॥ निरभउ भए सदा सुख माणे […]
No Commentsसंधिआ वेले का हुक्मनामा – 22 जुलाई 2023
सलोकु मः ३ ॥ पूरबि लिखिआ कमावणा जि करतै आपि लिखिआसु ॥ मोह ठगउली पाईअनु विसरिआ गुणतासु ॥ मतु जाणहु जगु जीवदा दूजै भाइ मुइआसु ॥ जिनी गुरमुखि नामु न चेतिओ से बहणि न मिलनी पासि ॥ दुखु लागा बहु अति घणा पुतु कलतु न साथि कोई जासि ॥ लोका विचि मुहु काला होआ अंदरि […]
No Commentsअमृत वेले का हुक्मनामा – 24 मई 2024
धनासरी महला १ घरु २ असटपदीआ ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ गुरु सागरु रतनी भरपूरे ॥ अम्रितु संत चुगहि नही दूरे ॥ हरि रसु चोग चुगहि प्रभ भावै ॥ सरवर महि हंसु प्रानपति पावै ॥१॥ किआ बगु बपुड़ा छपड़ी नाइ ॥ कीचड़ि डूबै मैलु न जाइ ॥१॥ रहाउ ॥ रखि रखि चरन धरे वीचारी ॥ दुबिधा […]
No Comments
