अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 24 अगस्त 2024

आसा महला ४ ॥ हरि कीरति मनि भाई परम गति पाई हरि मनि तनि मीठ लगान जीउ ॥ हरि हरि रसु पाइआ गुरमति हरि धिआइआ धुरि मसतकि भाग पुरान जीउ ॥ धुरि मसतकि भागु हरि नामि सुहागु हरि नामै हरि गुण गाइआ ॥ मसतकि मणी प्रीति बहु प्रगटी हरि नामै हरि सोहाइआ ॥ जोती जोति […]

No Comments

संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 03 जून 2025

अंग : 697 जैतसरी महला ४ ॥ जिन हरि हिरदै नामु न बसिओ तिन मात कीजै हरि बांझा ॥ तिन सुंञी देह फिरहि बिनु नावै ओइ खपि खपि मुए करांझा ॥१॥ मेरे मन जपि राम नामु हरि माझा ॥ हरि हरि क्रिपालि क्रिपा प्रभि धारी गुरि गिआनु दीओ मनु समझा ॥ रहाउ ॥ हरि कीरति […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 3 मार्च 2023

सलोक मः ३ ॥गुरमुखि प्रभु सेवहि सद साचा अनदिनु सहजि पिआरि ॥सदा अनंदि गावहि गुण साचे अरधि उरधि उरि धारि ॥अंतरि प्रीतमु वसिआ धुरि करमु लिखिआ करतारि ॥नानक आपि मिलाइअनु आपे किरपा धारि ॥१॥मः ३ ॥कहिऐ कथिऐ न पाईऐ अनदिनु रहै सदा गुण गाए ॥विणु करमै किनै न पाइओ भउकि मुए बिललाए ॥गुर कै सबदि […]

No Comments

संधिआ वेले का हुक्मनामा – 16 अप्रैल 2024

धनासरी महला ५ ॥ जतन करै मानुख डहकावै ओहु अंतरजामी जानै ॥ पाप करे करि मूकरि पावै भेख करै निरबानै ॥१॥ जानत दूरि तुमहि प्रभ नेरि ॥ उत ताकै उत ते उत पेखै आवै लोभी फेरि ॥ रहाउ ॥ जब लगु तुटै नाही मन भरमा तब लगु मुकतु न कोई ॥ कहु नानक दइआल सुआमी […]

No Comments

संधिआ वेले का हुक्मनामा – 30 नवंबर 2023

टोडी महला ५ ॥ गरबि गहिलड़ो मूड़ड़ो हीओ रे ॥ हीओ महराज री माइओ ॥ डीहर निआई मोहि फाकिओ रे ॥ रहाउ ॥ घणो घणो घणो सद लोड़ै बिनु लहणे कैठै पाइओ रे ॥ महराज रो गाथु वाहू सिउ लुभड़िओ निहभागड़ो भाहि संजोइओ रे ॥१॥ सुणि मन सीख साधू जन सगलो थारे सगले प्राछत मिटिओ […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 30 अगस्त 2023

ੴ सति नामु करता पुरखु निरभउ निरवैरु अकाल मूरति अजूनी सैभं गुर प्रसादि ॥ रागु गोंड चउपदे महला ४ घरु १ ॥ जे मनि चिति आस रखहि हरि ऊपरि ता मन चिंदे अनेक अनेक फल पाई ॥ हरि जाणै सभु किछु जो जीइ वरतै प्रभु घालिआ किसै का इकु तिलु न गवाई ॥ हरि तिस […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 16 जनवरी 2026

अंग : 701 जैतसरी महला ५ ॥ जा कउ भए गोविंद सहाई ॥ सूख सहज आनंद सगल सिउ वा कउ बिआधि न काई ॥१॥ रहाउ ॥ दीसहि सभ संगि रहहि अलेपा नह विआपै उन माई ॥ एकै रंगि तत के बेते सतिगुर ते बुधि पाई ॥१॥ दइआ मइआ किरपा ठाकुर की सेई संत सुभाई ॥ […]

No Comments

अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 1 अप्रैल 2024

सोरठि महला ९ ॥ इह जगि मीतु न देखिओ कोई ॥ सगल जगतु अपनै सुखि लागिओ दुख मै संगि न होई ॥१॥ रहाउ ॥ दारा मीत पूत सनबंधी सगरे धन सिउ लागे ॥ जब ही निरधन देखिओ नर कउ संगु छाडि सभ भागे ॥१॥ कहंउ कहा यिआ मन बउरे कउ इन सिउ नेहु लगाइओ ॥ […]

No Comments

संधिआ वेले का हुक्मनामा – 26 अक्तूबर 2022

धनासरी, भगत रवि दास जी की ੴ सतिगुर परसाद हम सरि दीनु दइआल न तुम सरि अब पतिआरू किया कीजे ॥ बचनी तोर मोर मनु माने जन कऊ पूरण दीजे ॥१॥ हउ बलि बलि जाउ रमईआ कारने ॥ कारन कवन अबोल ॥ रहाउ ॥ बहुत जनम बिछुरे थे माधउ इहु जनमु तुम्हारे लेखे ॥ कहि […]

No Comments

संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 13 जून 2025

अंग : 676 धनासरी महला ५ ॥ फिरत फिरत भेटे जन साधू पूरै गुरि समझाइआ ॥ आन सगल बिधि कांमि न आवै हरि हरि नामु धिआइआ ॥१॥ ता ते मोहि धारी ओट गोपाल ॥ सरनि परिओ पूरन परमेसुर बिनसे सगल जंजाल ॥ रहाउ ॥ सुरग मिरत पइआल भू मंडल सगल बिआपे माइ ॥ जीअ उधारन […]

No Comments

Begin typing your search term above and press enter to search. Press ESC to cancel.

Back To Top