अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 16 सितंबर 2026

अंग : 497 गूजरी महला ५ ॥ जिसु मानुख पहि करउ बेनती सो अपनै दुखि भरिआ ॥ पारब्रहमु जिनि रिदै अराधिआ तिनि भउ सागरु तरिआ ॥१॥ गुर हरि बिनु को न ब्रिथा दुखु काटै ॥ प्रभु तजि अवर सेवकु जे होई है तितु मानु महतु जसु घाटै ॥१॥ रहाउ ॥ माइआ के सनबंध सैन साक […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 15 सितंबर 2026

अंग : 659 ऐसा नामु रतनु निरमोलकु पुंनि पदारथु पाइआ ॥ अनिक जतन करि हिरदै राखिआ रतनु न छपै छपाइआ ॥१॥ हरि गुन कहते कहनु न जाई ॥ जैसे गूंगे की मिठिआई ॥१॥ रहाउ ॥ रसना रमत सुनत सुखु स्रवना चित चेते सुखु होई ॥ कहु भीखन दुइ नैन संतोखे जह देखां तह सोई ॥२॥२॥ […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 14 सितंबर 2026

अंग : 671 धनासरी महला ५ ॥ जिस का तनु मनु धनु सभु तिस का सोई सुघड़ु सुजानी ॥ तिन ही सुणिआ दुखु सुखु मेरा तउ बिधि नीकी खटानी ॥१॥ जीअ की एकै ही पहि मानी ॥ अवरि जतन करि रहे बहुतेरे तिन तिलु नही कीमति जानी ॥ रहाउ ॥ अम्रित नामु निरमोलकु हीरा गुरि […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 13 सितंबर 2026

अंग : 671 धनासरी महला ५ ॥ जिस का तनु मनु धनु सभु तिस का सोई सुघड़ु सुजानी ॥ तिन ही सुणिआ दुखु सुखु मेरा तउ बिधि नीकी खटानी ॥१॥ जीअ की एकै ही पहि मानी ॥ अवरि जतन करि रहे बहुतेरे तिन तिलु नही कीमति जानी ॥ रहाउ ॥ अम्रित नामु निरमोलकु हीरा गुरि […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 13 सितंबर 2026

अंग : 696 जैतसरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ मेरै हीअरै रतनु नामु हरि बसिआ गुरि हाथु धरिओ मेरै माथा ॥ जनम जनम के किलबिख दुख उतरे गुरि नामु दीओ रिनु लाथा ॥१॥ मेरे मन भजु राम नामु सभि अरथा ॥ गुरि पूरै हरि नामु द्रिड़ाइआ बिनु नावै जीवनु बिरथा ॥ […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 12 सितंबर 2026

अंग : 665 धनासरी महला ३ ॥ काचा धनु संचहि मूरख गावार ॥ मनमुख भूले अंध गावार ॥ बिखिआ कै धनि सदा दुखु होइ ॥ ना साथि जाइ न परापति होइ ॥१॥ साचा धनु गुरमती पाए ॥ काचा धनु फुनि आवै जाए ॥ रहाउ॥ मनमुखि भूले सभि मरहि गवार ॥ भवजलि डूबे न उरवारि न […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 12 सितंबर 2026

अंग : 666 धनासरी महला ३ ॥ नावै की कीमति मिति कही न जाइ ॥ से जन धंनु जिन इक नामि लिव लाइ ॥ गुरमति साची साचा वीचारु ॥ आपे बखसे दे वीचारु ॥१॥ हरि नामु अचरजु प्रभु आपि सुणाए ॥ कली काल विचि गुरमुखि पाए ॥१॥ रहाउ ॥ हम मूरख मूरख मन माहि ॥ […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 11 सितंबर 2026

अंग : 666 धनासरी महला ४ घरु १ चउपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ जो हरि सेवहि संत भगत तिन के सभि पाप निवारी ॥ हम ऊपरि किरपा करि सुआमी रखु संगति तुम जु पिआरी ॥१॥ हरि गुण कहि न सकउ बनवारी ॥ हम पापी पाथर नीरि डुबत करि किरपा पाखण हम तारी ॥ रहाउ ॥ […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 10 सितंबर 2026

अंग : 626 सोरठि महला ५ ॥ तापु गवाइआ गुरि पूरे ॥ वाजे अनहद तूरे ॥ सरब कलिआण प्रभि कीने ॥ करि किरपा आपि दीने ॥१॥ बेदन सतिगुरि आपि गवाई ॥ सिख संत सभि सरसे होए हरि हरि नामु धिआई ॥ रहाउ ॥ जो मंगहि सो लेवहि ॥ प्रभ अपणिआ संता देवहि ॥ हरि गोविदु […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 सितंबर 2026

अंग : 589 सलोक मः ३ ॥ बिनु सतिगुर सेवे जीअ के बंधना विचि हउमै करम कमाहि ॥ बिनु सतिगुर सेवे ठउर न पावही मरि जमहि आवहि जाहि ॥ बिनु सतिगुर सेवे फिका बोलणा नामु न वसै मन माहि ॥ नानक बिनु सतिगुर सेवे जम पुरि बधे मारीअनि मुहि कालै उठि जाहि ॥१॥ अर्थ: मानुष […]

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