अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 15 अगस्त 2026

अंग : 716 टोडी मः ५ ॥ माई मेरे मन की पिआस ॥ इकु खिनु रहि न सकउ बिनु प्रीतम दरसन देखन कउ धारी मनि आस ॥ रहाउ॥ सिमरउ नामु निरंजन करते मन तन ते सभि किलविख नास ॥ पूरन पारब्रहम सुखदाते अबिनासी बिमल जा को जास ॥१॥ संत प्रसादि मेरे पूर मनोरथ करि किरपा […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 23 सितंबर 2026

अंग : 692 रागु धनासरी बाणी भगत कबीर जी की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ राम सिमरि राम सिमरि राम सिमरि भाई ॥ राम नाम सिमरन बिनु बूडते अधिकाई ॥१॥ रहाउ ॥ बनिता सुत देह ग्रेह संपति सुखदाई ॥ इन्ह मै कछु नाहि तेरो काल अवध आई ॥१॥ अजामल गज गनिका पतित करम कीने ॥ तेऊ […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 04 सितंबर 2026

अंग : 659 ऐसा नामु रतनु निरमोलकु पुंनि पदारथु पाइआ ॥ अनिक जतन करि हिरदै राखिआ रतनु न छपै छपाइआ ॥१॥ हरि गुन कहते कहनु न जाई ॥ जैसे गूंगे की मिठिआई ॥१॥ रहाउ ॥ रसना रमत सुनत सुखु स्रवना चित चेते सुखु होई ॥ कहु भीखन दुइ नैन संतोखे जह देखां तह सोई ॥२॥२॥ […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 03 अगस्त 2026

अंग : 663 धनासरी महला ३ घरु २ चउपदे ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ इहु धनु अखुटु न निखुटै न जाइ ॥ पूरै सतिगुरि दीआ दिखाइ ॥ अपुने सतिगुर कउ सद बलि जाई ॥ गुर किरपा ते हरि मंनि वसाई ॥१॥ से धनवंत हरि नामि लिव लाइ ॥ गुरि पूरै हरि धनु परगासिआ हरि किरपा ते […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 03 फ़रवरी 2026

अंग : 673 धनासरी महला ५ ॥ जिनि कीने वसि अपुनै त्रै गुण भवण चतुर संसारा ॥ जग इसनान ताप थान खंडे किआ इहु जंतु विचारा ॥१॥ प्रभ की ओट गही तउ छूटो ॥ साध प्रसादि हरि हरि हरि गाए बिखै बिआधि तब हूटो ॥१॥ रहाउ ॥ नह सुणीऐ नह मुख ते बकीऐ नह मोहै […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 02 दिसंबर 2025

अंग : 628 सोरठि महला ५ ॥ ऐथै ओथै रखवाला ॥ प्रभ सतिगुर दीन दइआला ॥ दास अपने आपि राखे ॥ घटि घटि सबदु सुभाखे ॥१॥ गुर के चरण ऊपरि बलि जाई ॥ दिनसु रैनि सासि सासि समाली पूरनु सभनी थाई ॥ रहाउ ॥ आपि सहाई होआ ॥ सचे दा सचा ढोआ ॥ तेरी भगति […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 05 अगस्त 2026

अंग : 790 सलोक मः १ ॥ सतिगुर भीखिआ देहि मै तूं सम्रथु दातारु ॥ हउमै गरबु निवारीऐ कामु क्रोधु अहंकारु ॥ लबु लोभु परजालीऐ नामु मिलै आधारु ॥ अहिनिसि नवतन निरमला मैला कबहूं न होइ ॥ नानक इह बिधि छुटीऐ नदरि तेरी सुखु होइ ॥१॥ अर्थ: हे गुरु! तू बक्शीश करने योग्य है, मुझे […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 10 अगस्त 2026

अंग : 620 सोरठि महला ५ ॥ मेरा सतिगुरु रखवाला होआ ॥ धारि क्रिपा प्रभ हाथ दे राखिआ हरि गोविदु नवा निरोआ ॥१॥ रहाउ ॥ तापु गइआ प्रभि आपि मिटाइआ जन की लाज रखाई ॥ साधसंगति ते सभ फल पाए सतिगुर कै बलि जांई ॥१॥ हलतु पलतु प्रभ दोवै सवारे हमरा गुणु अवगुणु न बीचारिआ […]

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अमृत ​​वेले का हुक्मनामा – 02 जुलाई 2026

अंग : 608 सोरठि महला ५ घरु १ तितुके ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ किस हउ जाची किसु आराधी जा सभु को कीता होसी ॥ जो जो दीसै वडा वडेरा सो सो खाकू रलसी ॥ निरभउ निरंकारु भव खंडनु सभि सुख नव निधि देसी ॥१॥ हरि जीउ तेरी दाती राजा ॥ माणसु बपुड़ा किआ सालाही किआ […]

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संधिआ ​​वेले का हुक्मनामा – 08 सितंबर 2026

अंग : 658 रागु सोरठि बाणी भगत रविदास जी की ੴ सतिगुर प्रसादि ॥ जउ हम बांधे मोह फास हम प्रेम बधनि तुम बाधे ॥ अपने छूटन को जतनु करहु हम छूटे तुम आराधे ॥१॥ माधवे जानत हहु जैसी तैसी ॥ अब कहा करहुगे ऐसी ॥१॥ रहाउ ॥ मीनु पकरि फांकिओ अरु काटिओ रांधि कीओ […]

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